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Friday, December 28, 2018

आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (अंतिम भाग –15)


(अंतिम भाग – 15)
 रुद्रप्रयाग की यात्रा एवं घर वापसी 

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आपने अभी तक “आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 1) यात्रा पूर्व, आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 2) यात्रा पूर्व”आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 3)  हरिद्वार (प्रथम पड़ाव एवं विधिवत रूप से चार धाम यात्रा का श्री गणेश) , आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 4)  लक्ष्मण झुला दर्शन एवं बड़कोट की यात्रा , आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 5)  यमनोत्री धाम की यात्राआओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 6) उत्तरकाशी की यात्रा एवं विश्वनाथ मंदिर और शक्ति मंदिर दर्शन, आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –7) गंगोत्री धाम की यात्रा", आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –8) श्री केदारनाथ धाम की यात्रा -1"), आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –9) श्री केदारनाथ धाम की यात्रा -2"आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –10) श्री केदारनाथ धाम की यात्रा -3")आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –11) ऊखीमठ की यात्रा", आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –12) बद्रीनाथ धाम की यात्रा -1आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –13) बद्रीनाथ धाम की यात्रा -2 एवं आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –14) माणा गाँव की यात्रा में पढ़ा कि कैसे ब्लॉग एवं अन्य माध्यम से जानकारी जुटा कर मैंने यात्रा से संबंधित एक बारह दिवसीय कार्यक्रम की रूप-रेखा बनाई. जब विश्वसनीय वेब-साईट से पता चला कि सड़क एवं मौसम यात्रा के लिए अनुकूल है तब जाकर हमलोग ने अपनी यात्रा प्रारंभ की. “हर की पौड़ी”, ऋषिकेश, यमनोत्री, बड़कोट, उत्तरकाशी, गंगोत्री यात्रा एवं सिद्ध गुरु बाबा चौरंगीनाथ के मंदिर दर्शन एवं ज्योर्तिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम दर्शन के साथ ज्योर्तिर्लिंग श्री केदारनाथ जी का रुद्राभिषेक करने के बाद श्री केदारनाथ जी की शीतकालीन निवास स्थल के नैनाभिराम दृश्य एवं विशाल बद्री के दिव्य दर्शन को ह्रदय में सहेज कर माणा गाँव की अधूरी यात्रा कर हमलोग रुद्रप्रयाग के लिए निकल पड़े. 
अब आगे ....

माणा गाँव से रुद्रप्रयाग संगम की दूरी लगभग 160 कि.मी. है. हमलोग करीब शाम को साढ़े पाँच बजे संगम पर पहुँचे. संगम के जल को स्पर्श या स्नान के लिए सीढ़ियों से उतरना पड़ता है. बीच में शिव जी का एक छोटा सा मंदिर है और एक गंगा माँ की पीतल की सुन्दर प्रतिमा है. सीढ़ी के बायीं तरफ श्री बद्रीनाथ से बहती आई नदी, श्वेत रंग की अलकनंदा एवं हरित रंग लिए हुए दायीं तरफ केदारनाथ से बहती आई नदी मंदाकिनी, का संगम के पास सीढ़ी समाप्त हो जाती है. आस-पास का दृश्य मनोहारी है. रुद्रप्रयाग आने का मुख्य कारण इसी संगम को देखना था क्योंकि इसी संगम के बाद दोनों नदियाँ गंगा नाम से ऋषिकेश के तरफ बहना शुरू करती हैं. समयाभाव के कारण वहाँ स्नान तो नहीं कर पाए परन्तु हमलोग ने संगम के जल से शरीर पर छींटा मार कर संतोष किए और हरिद्वार के लिए रवाना हो गए. श्रीनगर पहुँचने में ही रात के आठ बज गए. अँधेरे में पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाना खतरे से खाली नहीं होता है अतः रास्ते में श्रीनगर के एक होटल में रुके. सुबह नास्ता कर हरिद्वार के लिए प्रस्थान किए. हरिद्वार में शाम की आरती में सम्मलित हुए और रात्रि विश्राम के लिए होटल पहुँचे. सुबह हमलोग होटल के पास प्रेम नगर घाट पर पहुँचे. बहुत शांत माहौल एवं परिवार के साथ स्नान करने के लिए बहुत ही सुंदर, सुरक्षित एवं साफ़ सुथरा घाट है. कुछ स्थानीय लोगों के अलावा हमारा ही परिवार वहाँ था अतः सभी ने खुलकर एक घंटा नदी में स्नान करने का आनंद उठाया. उसके बाद दोपहर का भोजन कर कपूरथला के लिए रवाना हो गए. सरहिंद शहर के पास राजपुरा हवेली में खाना खा कर रात में हमलोग घर पहुँच गए और हमलोगों की छोटा चार धाम यात्रा समाप्त हुई.
इस यात्रा से संबंधित कुछ तथ्य :
1. हमलोगों को इस यात्रा को पूरी करने में ग्यारह रात और ग्यारह दिन लगे.
2. कार से लगभग 2050 कि.मी. की यात्रा गूगल मैप के सहारे तय की.
3. पहनने के लिए गर्म कपड़े आवश्य रखें. सभी होटलों में कम्बलों की प्रयाप्त व्यवस्था रहती है.
4. सामान्य होटलों का डबल बेड किराया हरिद्वार को छोड़ कर 500 से 1000 रु. तक थी.
5. हेलिकॉप्टर का किराया छोड़कर पाँच बड़े एवं तीन छोटे व्यक्ति (दो परिवार एवं एक डीजल कार)  का लगभग 60,000 रु. खर्च आया.
6. फर्स्ट एड एवं जरूरी दवा साथ अवश्य रखें.
7. पूर्व नियोजित रूट मैप एवं समय का पालन अवश्य करें. शाम को सात बजे के पहले रुकने के स्थल पर अवश्य पहुँचे.
8. किसी भी परिस्थिति में घबराएँ नहीं विवेक एवं धौर्य से काम लें.
9. प्रति व्यक्ति एक रनिंग शू पहाड़ो पर चलने के लिए और एक चप्पल रख लें .
10. मॉइस्चराइजर क्रीम, कोल्ड क्रीम,सनस्क्रीन लोशन जिसकी spf कम से कम 24 हो एवं रोजाना में प्रयोग होने वाले वास्तु का एक किट बना लें.
11. घर पर RO water पीते हैं तो यात्रा में भी बंद बोतल का ही पानी पियें.
12. कार में पानी का बोतल, ड्राई फ्रूट्स एवं स्नैक्स रखें. 
13. मोबाइल के लिए पॉवर बैंक रखें.
14. नगद खर्च जरूरत पड़ने पर ही करें. जहाँ संभव हो एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करें.
15. स्वच्छता एवं पर्यावरण का ख्याल रखें. 

इस यात्रा के दौरान नजारों का लुत्फ़ आप नीचे दिए गए चित्रों से लें :






















भाग -1  पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
“आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 1) यात्रा पूर्व

भाग -2 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
“आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 2) यात्रा पूर्व

भाग -3 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 3)  हरिद्वार (प्रथम पड़ाव एवं विधिवत रूप से चार धाम यात्रा का श्री गणेश)

भाग -4 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 4)  लक्ष्मण झुला दर्शन एवं बड़कोट की यात्रा

भाग -5 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
एवं आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 5)  यमनोत्री धाम की यात्रा

भाग -6 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 6) उत्तरकाशी की यात्रा एवं विश्वनाथ मंदिर और शक्ति मंदिर दर्शन

भाग -7 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –7) गंगोत्री धाम की यात्रा)

भाग -8 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –8) श्री केदारनाथ धाम की यात्रा -1 

भाग -9 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –9) श्री केदारनाथ धाम की यात्रा -2

भाग -10 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –10) श्री केदारनाथ धाम की यात्रा -3

भाग -11 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –11) ऊखीमठ की यात्रा

भाग -12 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –12) बद्रीनाथ धाम की यात्रा -1

भाग -13 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –13) बद्रीनाथ धाम की यात्रा -2

भाग -14 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग –14) माणा गाँव की यात्रा


©  राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"

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