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Friday, September 28, 2018

आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 2)


(भाग – 2)
यात्रा पूर्व
http://uttarakhandtourism.gov.in/char-dham से साभार 
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आपने अभी तक “आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 1) यात्रा पूर्व में पढ़ा कि कैसे ब्लॉग एवं अन्य माध्यम से जानकारी जुटा कर मैंने यात्रा से संबंधित एक बारह दिवसीय कार्यक्रम की रूप-रेखा बनाई. मैं जब किसी यात्रा की रूपरेखा बनाता हूँ तो कोशिश रहती है कि आस-पास के सभी प्रमुख्य स्थलों को उसमें समाहित किया जाए क्योंकि एक ही यात्रा को बारबार दोहराने का मौका नहीं मिलता है, परन्तु इस तरह के यात्रा की रूप- रेखा में अन्य कई महत्तवपूर्ण स्थलों को समाहित नहीं कर पाने का मलाल रहता है. अफ़सोस तब और ज्यादा होता है जब यात्रा पुरी करने के बाद पता चलता है कि अमुख स्थल तो रास्ते में ही था और दोस्तों या अन्य माध्यम से जानकारी बाद में मिली और कभी-कभी यात्रा के दौरान किसी अजनबी के माध्यम से किसी महत्वपूर्ण स्थल का पता चलता है जिसमें कभी-कभी थोड़ा सा यात्रा का मार्ग बदलना पड़ जाता तो ख़ुशी दुगुनी हो जाती है . मेरा मानना है किसी भी प्रकार की कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने में कोई ना कोई खामी रहती ही है और ये भी जरूरी नहीं है कि कार्यक्रम की रूपरेखा तय समय,तरीके एवं हु-ब-हु ढंग से संपन्न हो . परस्थिति अनुसार उसमें समय-समय पर संशोधन होता रहता है .


खैर! अभी तक तो काल्पनिक बातें हो रहीं थी. आप जब किसी दुर्गम स्थल की यात्रा पर निकलते हो तो सभी की कोशिश यही रहती है कि कोई ऐसा व्यक्ति मिले जो व्यक्तिगत रूप से उस दुर्गम स्थल की यात्रा का अनुभव रखता हो. तो, मुझे बहुत से व्यक्ति मिले जिन्हें केदारनाथ जी  या बद्रीनाथ जी या दोनों स्थलों की यात्रा का अनुभव था परन्तु चारों धाम की यात्रा का अनुभव किसी को नहीं था और ब्लॉग जगत में भी कार द्वारा चारों धाम की यात्रा वृतांत नहीं मिला. ज्यूँ-ज्यूँ यात्रा की निर्धारित तिथि नजदीक आ रही थी तो कुछ लोग एवं यू-टिउब के माध्यम से ने मौसम एवं सडकों के बारे में कुछ भयावह तस्वीरें सामने आ रही थी जो आंशिक रूप से सत्य भी थे. तब मैंने विश्वसनीय वेब-साईट को खोजना शुरू किया जो मौसम के बारे में सटीक जानकारी दे सके. इसी क्रम में मुझे एक सरकारी वेब-साईट The India Meteorological Department (IMD), New Delhi का लिंक http://amssdelhi.gov.in/chardham/chardham.html मिला जिस में चार धाम के मौसम की सटीक जानकारी मिली, जिससे मुझे पता चला कि मेरी यात्रा के दौरान उनकी तरफ से कोई गंभीर चेतावनी इंगित नहीं थी. तो मुझमें  अपनी यात्रा शुरू करने की हिम्मत बढ़ी. पहाड़ी सडकों पर गाड़ी चलाने की अनुभव के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल रही थी तो हम सब ने तय किया कि कार से चलते हैं अगर कहीं भी दिक्कत आई तो भाड़े की गाड़ी से आगे की यात्रा संपन्न की जाएगी. यात्रा के दौरान रात्रि विश्राम के लिए होटलों की अग्रिम बुकिंग ऑन-लाइन के माध्यम से हो सकती थी परन्तु यात्रा के दौरान मौसम की अनिश्चितता के कारण दोस्तों ने राय दी कि होटलों की अग्रिम बुकिंग न कराएं और मुझे भी यह सुझाव अच्छा लगा. चारधाम यात्रा के सभी स्थलों पर GMVN के सरकारी यात्री निवास बने है। आप चाहें तो www.gmvnl.in लिंक पर जाकर ऑनलाइन अग्रिम रूम आरक्षित कर सकते है।  अन्य जानकारी के अनुसार हमलोगों ने कपड़ों, जूतों एवं अन्य सामाग्री यात्रा के लिए जुटाने शुरू कर दिए जिसमें सबसे प्रमुख्य था दवाओं का एक किट जिसके बारे में एक कागज पर विस्तृत जानकारी के साथ रख कर सभी सदस्य को सूचित कर दिया गया. सभी तैयारियों के बाद यात्रा करने का शुभ दिन भी आ गया और निर्धारित समय के अनुसार हमलोग दिनभर आराम कर 12 जून 2018 रात को 10 बजे अपनी यात्रा प्रारंभ कर दिए ताकि 20 जून 2018 को अपनी शादी की 21 वीं सालगिरह पर ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ जी का दर्शन कर सकें. 
  
शेष  05-10-2018 के  अंक में .................................

भाग -1  पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
“आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 1) यात्रा पूर्व



©  राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"


Wednesday, September 26, 2018

MEME SERIES - 16


Biweekly Edition (पाक्षिक संस्करण) 26 Sep'2018 to 09 Oct'2018

मीम (MEME)

"यह एक सैद्धांतिक इकाई है जो सांस्कृतिक विचारों, प्रतीकों या मान्यताओं आदि को लेखन, भाषण, रिवाजों या अन्य किसी अनुकरण योग्य विधा के माध्यम से एक मस्तिष्क से दूसरे मस्तिष्क में पहँचाने का काम करती है। "मीम" शब्द प्राचीन यूनानी शब्द μίμημα; मीमेमा का संक्षिप्त रूप है जिसका अर्थ हिन्दी में नकल करना या नकल उतारना होता है। इस शब्द को गढ़ने और पहली बार प्रयोग करने का श्रेय ब्रिटिश विकासवादी जीवविज्ञानी रिचर्ड डॉकिंस को जाता है जिन्होने 1976 में अपनी पुस्तक "द सेल्फिश जीन" (यह स्वार्थी जीन) में इसका प्रयोग किया था। इस शब्द को जीन शब्द को आधार बना कर गढ़ा गया था और इस शब्द को एक अवधारणा के रूप में प्रयोग कर उन्होने विचारों और सांस्कृतिक घटनाओं के प्रसार को विकासवादी सिद्धांतों के जरिए समझाने की कोशिश की थी। पुस्तक में मीम के उदाहरण के रूप में गीत, वाक्यांश, फैशन और मेहराब निर्माण की प्रौद्योगिकी इत्यादि शामिल है।"- विकिपीडिया से साभार.

MEME SERIES - 16

By looking at this picture you might be having certain reaction in your mind, through this express your reaction as the title or the  caption. The selected title or caption of few people will be published in the next MEME SERIES POST.

इस तस्वीर को देख कर आपके मन में अवश्य ही किसी भी प्रकार के प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई होगी, तो उसी को शीर्षक(TITLE) या अनुशीर्षक(CAPTION)के रूप में व्यक्त करें। चुने हुए शीर्षक(TITLE) या अनुशीर्षक(CAPTION)को अगले MEME SERIES POST में प्रकाशित की जाएगी।

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The next edition will be published on  OCTOBER 26, 2018. If you have similar type of picture on your blog, leave a link of your post in my comments section. I will link your posts on my blog in the next edition. Thank you very much dear friends for all your valuable captions for MEME SERIES-15 . Your participation and thoughts are deeply appreciated by me. Some of the best captions are listed below.

अगला संस्करण 10 अक्टूबर , 2018 को प्रकाशित किया जाएगा। यदि आपके ब्लॉग पर इस तरह की कोई तस्वीर है, तो अपने पोस्ट का लिंक मेरी टिप्पणी अनुभाग में लिख दें। मैं अगले संस्करण में अपने ब्लॉग पर आपका पोस्ट लिंक कर दूंगा। मेरे प्रिय मित्रों, आपके सभी बहुमूल्य शीर्षक(TITLE) या अनुशीर्षक(CAPTION) के लिए धन्यवाद। MEME SERIES-15 के पोस्ट पर आपकी भागीदारी और विचारों ने मुझे बहुत प्रभावित किया, उनमें से कुछ बेहतरीन कैप्शन नीचे उल्लेखित हैं। 


MEME SERIES-15 के बेहतरीन कैप्शन

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चाय, चायवाला और देश..................................................सुशील कुमार जोशी (SKJoshi)
छाप तिलक सब छीनी रे" चाय से प्रित लगाये के!...................Kusum Kothari



Friday, September 21, 2018

आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 1)


(भाग – 1)
यात्रा पूर्व
http://uttarakhandtourism.gov.in/char-dham से साभार 
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जब कोई अपनी यात्रा वृतांत का संस्मरण सुनाने लगता है या जब हम किसी की यात्रा वृतांत का संस्मरण पढ़ते हैं तो मन में स्वतः उस स्थल के दर्शन करने का इच्छा प्रबल हो जाती है. तो  जब सन् 2013 में मेरे चाचा जी आगरा से ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ जी एवं श्री बद्रीनाथ जी धाम का दर्शन कर लौटे तो मेरे निवास स्थान कपूरथला भी आए और उनकी यात्रा वृतांत का संस्मरण को सुनकर मेरी भी इच्छा वहाँ की यात्रा करने की हुई परन्तु कुछ ही दिनों के बाद उत्तराखंड में आई प्रलयकारी विध्वंस से कुछ सालों तक मेरी हिम्मत वहाँ की यात्रा करने को नहीं हुई. परन्तु कई ब्लॉग और समाचार पत्रों में उत्तराखंड राज्य की स्थिति में तीव्रता के साथ सुधार एवं छोटा चार धाम की यात्रा के लिए सुंदर सडकों के निर्माण की खबर पढ़ कर फिर से श्री केदारनाथ जी एवं श्री बद्रीनाथ जी की यात्रा करने की इच्छा बलवती हो गई.

मैंने 2017 से अपनी शादी की 21 वीं सालगिरह, जून 2018 पर हमने ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ जी एवं श्री बद्रीनाथ जी धाम दर्शन पर विचार करना शुरू किया . इस यात्रा के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो छोटा चार धाम का पता चला . जिसमें यात्रा की शुरुआत सबसे पहले हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद यमनोत्री, गंगोत्री, ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ जी और श्री बद्रीनाथ जी धाम दर्शन के साथ अंत में रुद्रप्रयाग में अलकनंदा एवं मंदाकिनी के संगम दर्शन के साथ यात्रा पूर्ण होती है. इस तरह सभी उपलब्ध जानकारी के अनुसार मैंने अपनी निजी वाहन के साथ बारह दिवसीय यात्रा का एक विस्तृत रुपरेखा तैयार की जो निम्न प्रकार से थी  : 


छोटा चार धाम यात्रा की विस्तृत रूप-रेखा 
दिनांक  कहाँ से  कहाँ तक  प्रस्थान  आगमन  दूरी  प्रयोजन 
12 जून 2018 कपूरथला  ------------- 10 बजे रात  --------- -------
13 जून 2018 ----------------- हरिद्वार  --------- सुबह 6 बजे  353 कि.मी. सुबह गंगा स्नान एवं शाम को गंगा आरती दर्शन 
14 जून 2018 हरिद्वार  बड़कोट सुबह 5 बजे  6 बजे शाम   188 कि.मी. ऋषिकेश भ्रमण एवं बरकोट में रात्रि विश्राम 
15 जून 2018 बड़कोट जानकी चट्टी  सुबह 7  बजे  सुबह 8 बजे  45 कि.मी. जानकी चट्टी से यमनोत्री दर्शन (दूरी 8 कि.मी.) कर वापसी जानकी चट्टी 
15 जून 2018 जानकी चट्टी  बड़कोट  शाम 5  बजे  शाम 6 बजे  45 कि.मी. बड़कोट में रात्रि विश्राम 
16 जून 2018 बड़कोट  उत्तरकाशी  दोपहर 3 बजे  शाम 6 बजे  80 कि.मी. विश्वनाथ मंदिर और शक्ति मंदिर दर्शन एवं उत्तरकाशी में रात्रि विश्राम 
17 जून 2018 उत्तरकाशी  गंगोत्री  सुबह 6 बजे  सुबह10 बजे  100 कि.मी. गंगोत्री में स्नान 
17 जून 2018 गंगोत्री  उत्तरकाशी  दोपहर 3  बजे  रात्रि 7 बजे  100 कि.मी. उत्तरकाशी में रात्रि विश्राम 
18 जून 2018 उत्तरकाशी  गौरीकुंड  सुबह 5 बजे  शाम 5 बजे  224 कि.मी. गौरीकुंड में रात्रि विश्राम 
19 जून 2018 गौरीकुंड  केदारनाथजी  सुबह 5 बजे  सुबह11 बजे  16 कि.मी. केदारनाथ मंदिर दर्शन, शाम आरती दर्शन एवं केदारनाथ में रात्रि विश्राम 
20 जून 2018 केदारनाथजी  गौरीकुंड  सुबह10 बजे  शाम 5 बजे  16 कि.मी. सुबह केदारनाथ जी का रुद्राभिशेख एवं गौरीकुंड में रात्रि विश्राम 
21 जून 2018 गौरीकुंड  बद्रीनाथ सुबह 5 बजे  दोपहर1 बजे  225 कि.मी. बद्रीनाथ जी आरती दर्शन एवं बद्रीनाथ में रात्रि विश्राम 
22 जून 2018 बद्रीनाथ हरिद्वार  सुबह 5 बजे  रात्रि 8 बजे  315 कि.मी. माणा गाँव, रुद्रप्रयाग भ्रमण एवं हरिद्वार में रात्रि विश्राम
23 जून 2018 हरिद्वार  कपूरथला  सुबह 11 बजे  रात्रि 8 बजे  353 कि.मी. सुबह गंगा स्नान एवं कपूरथला पहुँचने पर यात्रा समाप्ति  
https://www.sacredyatra.com/chardham-route-map से साभार 

शेष 29-09-2018 के अंक में .................................

भाग -2 पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें :
“आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 2) यात्रा पूर्व



©  राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"

Wednesday, September 19, 2018

FACE OF COMMON MAN - 8








-© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"




Friday, September 14, 2018

फोटोग्राफी : पक्षी 61 (Photography : Bird 61)


Photography: (dated 04 09 2018 06:15 AM )

Place : Tisa, Vill- Chachoga, Himachal Pradesh, India

Red-billed blue magpie

The red-billed blue magpie is a species of bird in the crow family, Corvidae. It is about the same size as the Eurasian magpie but has a much longer tail, one of the longest tails of any corvid. The head, neck are black and breast is white with a bluish spotting on the crown. The long tail is a brighter blue (as are the wing primaries) with a broad white tip. The bill is a bright orange-red as are the legs and feet and a ring around the eye. This red can vary across its range to almost yellow in some birds.The red-billed blue magpie occurs in a broad swathe from the northern parts of the Indian Subcontinent, and further eastwards. It ranges from the Western Himalayas eastwards into Myanmar, Cambodia, Laos and Vietnam in evergreen forest and scrub in predominantly hilly or mountainous country.


Scientific name:  Urocissa erythroryncha
Photographer :   Rakesh kumar srivastava

रेड-बिल ब्लू मैग्पी, कौवा परिवार पक्षी की एक कॉर्विडे प्रजाति है। यह यूरेशियन मैग्पी के समान आकार के होते हैं, लेकिन इसकी पूंछ बहुत लंबी होती है, जो किसी भी कॉर्विड प्रजाति की सबसे लंबी पूंछों वाली एक पक्षी है। इसका सिर, गर्दन काले होते है और छाती सफेद होता है। इसकी लंबी पूंछ का रंग चमकीला नीला होता है और इसकी पूंछ के किनारे चौड़े सफेद रंग के होते हैं। इसकी चोंच और पैर चमकीले  लाल लिए हुए नारंगी रंग के होते हैं। आंखों के चारों ओर एक गोला घेरा बना होता है। इसका लाल लिया हुआ नारंगी रंग क्षेत्र के अनुसार बदलता रहता है और यह पीले रंग तक के हो जाते हैं। लाल नीली मैग्पी भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी हिस्सों से लेकर पूर्वी हिमालय से पूर्व में म्यांमार, कंबोडिया, लाओस और वियतनाम के सदाबहार जंगल में पाए जाते हैं। यह मुख्य रूप से उपरोक्त देश के पहाड़ी क्षेत्र में पाए जाते है।

वैज्ञानिक नाम: 
उरोसिसा एरिथोरॉन्चा
फोटोग्राफर: राकेश कुमार श्रीवास्तव

अन्य भाषा में नाम :-


Bengali: লালঠোঁট নীলতাউরা; Sanskrit: दिर्घदल पूर्णकूट

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©  राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"



Wednesday, September 12, 2018

MEME SERIES - 15


Biweekly Edition (पाक्षिक संस्करण) 12 Sep'2018 to 25 Sep'2018

मीम (MEME)

"यह एक सैद्धांतिक इकाई है जो सांस्कृतिक विचारों, प्रतीकों या मान्यताओं आदि को लेखन, भाषण, रिवाजों या अन्य किसी अनुकरण योग्य विधा के माध्यम से एक मस्तिष्क से दूसरे मस्तिष्क में पहँचाने का काम करती है। "मीम" शब्द प्राचीन यूनानी शब्द μίμημα; मीमेमा का संक्षिप्त रूप है जिसका अर्थ हिन्दी में नकल करना या नकल उतारना होता है। इस शब्द को गढ़ने और पहली बार प्रयोग करने का श्रेय ब्रिटिश विकासवादी जीवविज्ञानी रिचर्ड डॉकिंस को जाता है जिन्होने 1976 में अपनी पुस्तक "द सेल्फिश जीन" (यह स्वार्थी जीन) में इसका प्रयोग किया था। इस शब्द को जीन शब्द को आधार बना कर गढ़ा गया था और इस शब्द को एक अवधारणा के रूप में प्रयोग कर उन्होने विचारों और सांस्कृतिक घटनाओं के प्रसार को विकासवादी सिद्धांतों के जरिए समझाने की कोशिश की थी। पुस्तक में मीम के उदाहरण के रूप में गीत, वाक्यांश, फैशन और मेहराब निर्माण की प्रौद्योगिकी इत्यादि शामिल है।"- विकिपीडिया से साभार.

MEME SERIES - 15

By looking at this picture you might be having certain reaction in your mind, through this express your reaction as the title or the  caption. The selected title or caption of few people will be published in the next MEME SERIES POST.

इस तस्वीर को देख कर आपके मन में अवश्य ही किसी भी प्रकार के प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई होगी, तो उसी को शीर्षक(TITLE) या अनुशीर्षक(CAPTION)के रूप में व्यक्त करें। चुने हुए शीर्षक(TITLE) या अनुशीर्षक(CAPTION)को अगले MEME SERIES POST में प्रकाशित की जाएगी।

TEA TIME
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The next edition will be published on  SEPTEMBER 26, 2018. If you have similar type of picture on your blog, leave a link of your post in my comments section. I will link your posts on my blog in the next edition. Thank you very much dear friends for all your valuable captions for MEME SERIES-14 . Your participation and thoughts are deeply appreciated by me. Some of the best captions are listed below.

अगला संस्करण 26 सितम्बर , 2018 को प्रकाशित किया जाएगा। यदि आपके ब्लॉग पर इस तरह की कोई तस्वीर है, तो अपने पोस्ट का लिंक मेरी टिप्पणी अनुभाग में लिख दें। मैं अगले संस्करण में अपने ब्लॉग पर आपका पोस्ट लिंक कर दूंगा। मेरे प्रिय मित्रों, आपके सभी बहुमूल्य शीर्षक(TITLE) या अनुशीर्षक(CAPTION) के लिए धन्यवाद। MEME SERIES-14 के पोस्ट पर आपकी भागीदारी और विचारों ने मुझे बहुत प्रभावित किया, उनमें से कुछ बेहतरीन कैप्शन नीचे उल्लेखित हैं। 


MEME SERIES-14 के बेहतरीन कैप्शन



प्रकृति यंत्र के बस में बस सड़क में बस भी करो..........................सुशील कुमार जोशी (SKJoshi)
पहाड़ों को ट्रकों पर ढोकर विकास की राह बनानी है।...................sweta sinha
प्रकृति का दोहन,विनाश को निमंत्रण।........................................sweta sinha
My hunger is insatiable!....................................................Deepak Amembal


Friday, September 7, 2018

FACE OF COMMON MAN - 7




-© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"

Wednesday, September 5, 2018

फोटोग्राफी : पक्षी 60 (Photography : Bird 60)


Photography: (dated 19 06 2018 01:45 PM )

Place : KEDARNATH TEMPLE, Uttrakhand, India

Spotted Bush Warbler

Spotted Bush Warbler is a species of the Old World Warbler. It is found in the countries of Bangladesh, Bhutan, China, India, Myanmar and Nepal in the Northern Himalayas, Yunnan and Central China.


Scientific name:  Locustella thoracica
Photographer :   Rakesh kumar srivastava

स्पॉटेड बुश वार्बलर, ओल्ड वर्ल्ड वार्बलर की एक प्रजाति है। यह बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, म्यांमार और नेपाल के देशों में उत्तरी हिमालय, युन्नान और मध्य चीन में पाया जाता है।

वैज्ञानिक नाम: लोकुस्टेला थोरैकीका 
फोटोग्राफर: राकेश कुमार श्रीवास्तव

अन्य भाषा में नाम :-


Nepali: थोप्ले झाडीफिस्टो;





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©  राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"