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Monday, April 15, 2019

मित्र मंडली -117



एक अनुरोध : G+ के जाने से पाठकों एवं रचनाकारों को नए पोस्ट खोजने में परेशानी हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए दो उपाए हैं : 1. अपने ब्लॉग पर रीडिंग लिस्ट को क्लिक कर अपने पसंदीदा ब्लॉग के नए पोस्ट को क्रमवार सूची में देख एवं पढ़ सकते हैं।  2. अगर आपको कोई ब्लॉग अच्छा लगता है तो उस ब्लॉग को अनुशरण करें ताकि उस ब्लॉग का पोस्ट आपके रीडिंग लिस्ट में आ सके। 
धन्यवाद !
आपका - राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही" 
इस सप्ताह के छह रचनाकार

एक कहानी अनजानी !

मीना शर्मा जी 

"उस पार"

मीना भारद्वाज  जी 

मछुआरों की तंगहाली और मजबूरियों को आत्मसात करती भावपूर्ण रचना।



श्वेता सिन्हा जी 

प्यार के सुखद पल एवं स्त्री के कोमल भावनाओं को व्यक्त करती सुंदर भावपूर्ण रचना।

बेटी----माटी सी

काठमांडू, पशुपति-निवास हूँ!

विश्व मोहन जी

कहीं हम न हैं

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा जी 


नोट : पुराने मित्र-मंडली पोस्टों को मैंने मित्र-मंडली पेज पर सहेज दिया है और अब से प्रकाशित मित्र-मंडली का पोस्ट 7 दिन के बाद केवल मित्र-मंडली पेज पर ही दिखेगा, जिसका लिंक नीचे दिया जा रहा है : https://rakeshkirachanay.blogspot.com/p/blog-page_25.html मित्र-मंडली के प्रकाशन का उद्देश्य मेरे मित्रों की रचना को ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक पहुँचाना है। आप सभी पाठकगण से निवेदन है कि दिए गए लिंक के पोस्ट को पढ़ कर, टिप्पणी के माध्यम से अपने विचार जरूर लिखें। विश्वास करें ! आपके द्वारा दिए गए विचार लेखकों के लिए अनमोल होगा।




Monday, April 8, 2019

मित्र मंडली - 116


एक अनुरोध : G+ के जाने से पाठकों एवं रचनाकारों को नए पोस्ट खोजने में परेशानी हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए दो उपाए हैं : 1. अपने ब्लॉग पर रीडिंग लिस्ट को क्लिक कर अपने पसंदीदा ब्लॉग के नए पोस्ट को क्रमवार सूची में देख एवं पढ़ सकते हैं।  2. अगर आपको कोई ब्लॉग अच्छा लगता है तो उस ब्लॉग को अनुशरण करें ताकि उस ब्लॉग का पोस्ट आपके रीडिंग लिस्ट में आ सके। 
धन्यवाद !
आपका - राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही" 
इस सप्ताह के छह रचनाकार 

कुसुम कोठारी जी 

अनुराधा चौहान जी 

आकुल रश्मियाँ

श्वेता सिन्हा जी 

अँधेरे में रौशनी फैलाती और नारी की जज्बातों को व्यक्त करती भावपूर्ण रचना।


मौसम है सुहाना दिल का



लोकेश नशीने जी 

सदियों पुराने रोग इश्क़ पर अपनी खट्टी, मीठी राय प्रस्तुत करती सुंदर रचना।

चुप्पी

नोट : पुराने मित्र-मंडली पोस्टों को मैंने मित्र-मंडली पेज पर सहेज दिया है और अब से प्रकाशित मित्र-मंडली का पोस्ट 7 दिन के बाद केवल मित्र-मंडली पेज पर ही दिखेगा, जिसका लिंक नीचे दिया जा रहा है : https://rakeshkirachanay.blogspot.com/p/blog-page_25.html मित्र-मंडली के प्रकाशन का उद्देश्य मेरे मित्रों की रचना को ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक पहुँचाना है। आप सभी पाठकगण से निवेदन है कि दिए गए लिंक के पोस्ट को पढ़ कर, टिप्पणी के माध्यम से अपने विचार जरूर लिखें। विश्वास करें ! आपके द्वारा दिए गए विचार लेखकों के लिए अनमोल होगा।



Friday, March 8, 2019

नारी - हिम्मत कर हुंकार तू भर ले



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#नारी - हिम्मत कर हुंकार तू भर ले#

नारी के हालात नहीं बदले,
हालात अभी, जैसे थे पहले,
द्रौपदी अहिल्या या हो सीता,
इन सब की चीत्कार तू सुन ले। 

राम-कृष्ण अब ना आने वाले,
अपनी रक्षा अब खुद तू कर ले,
सतयुग, त्रेता, द्वापर युग बीता,
कलयुग में अपना रूप बदल ले।

लक्ष्य कठिन है, फिर भी तू चुन ले,
मंजिल अपनी अब तू तय कर ले,
अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ,
अपना जीवन तू जी भर जी ले। 

जो भी हैं अबला कहने वाले,
हक़ यूँ नहीं तुम्हें देने वाले,
उनसे क्या आशा रखना जिसने,
मुँह से छीन ली तेरे निवाले। 

बेड़ियाँ हैं अब टूटने वाली,
मुक्ति-मार्ग सभी तेरे हवाले,
लक्ष्मी, इंदरा, कल्पना जैसी,
दम लगा कर हुंकार तू भर ले।

-© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"




Friday, February 8, 2019

मेरे तो करतार हैं।


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"मेरे तो करतार हैं।"

अब जुबाँ, पर है, सिर्फ, एक नाम तेरा
और मेरे, दिल में, है तस्वीर तेरी,
अब तू, भी, नहीं है, इस, नश्वर जगत में,
पर अक्सर, दिखते हो, नज़रों को मेरी। 

खोया, रहता हूँ, मैंख्यालों में तेरे,
बरसती है अक्सर, फैज़, मुझ पर तेरी
तेरे बिन, अब तो, मैं, जी ना पाऊँगा,
मेरी धड़कने, हो गई, अब तो तेरी। 

मैं तो, अधम था, तभी, मिला साथ तेरा,
तू ना होता, तो, क्या, गत होती मेरी,
इस नाचीज राहीको, जानते हैं सब
और, कुछ भी नहीं, बस, रहमत है तेरी। 

अक्सर, मदद, के लिए, बढ़ा हाथ तेरा,
देखा है करिश्मा , मैंने भी तेरा,
वास्ता, जिसका ना था, कभी भी तुमसे
वो, क्या जानता, क्या, शख्सियत थी तेरी। 

हम सब, बैठे हैं, अब ख्यालों में तेरे,
मेरी आँखों, में बस, मूरत है तेरी,
तू ही, महबूब हो, हो, करतार मेरे,
 इन नैनों को है, अब चाहत, बस तेरी।


अब जुबाँ, पर हैसिर्फ, एक नाम तेरा
और मेरे, दिल में, है तस्वीर तेरी

-© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"




Wednesday, January 9, 2019

FACE OF COMMON MAN - 13



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A DRUMMER AT Yamnotri Temple  , Uttrakhand, India,

-© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"