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Tuesday, August 27, 2019

ढाई कदम


सभी मित्रों से आग्रह है कि इस पोस्ट को शेयर कर मेरे उपन्यास "ढाई कदम" का प्रचार एवं प्रसार में मेरा सहयोग करें. नीचे दिए गए चित्र को क्लिक कर उपन्यास "ढाई कदम" का आर्डर कर सकते हैं.








Wednesday, May 15, 2019

राष्ट्रीय पत्रिका में मेरी कविता


मेरी कविता वनिता पत्रिका मई'2019 अंक में प्रकाशित हुई है।



Monday, April 29, 2019

सूचना

दोस्तों! 

किन्ही  परिहार्य कारणों से, मैं कुछ समय के लिए इस ब्लॉग जगत पर अनुपस्थित रहूँगा।

जल्द मिलने की आशा में आपका - 
राकेश कुमार श्रीवास्तव 'राही'
  

Friday, March 8, 2019

नारी - हिम्मत कर हुंकार तू भर ले



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#नारी - हिम्मत कर हुंकार तू भर ले#

नारी के हालात नहीं बदले,
हालात अभी, जैसे थे पहले,
द्रौपदी अहिल्या या हो सीता,
इन सब की चीत्कार तू सुन ले। 

राम-कृष्ण अब ना आने वाले,
अपनी रक्षा अब खुद तू कर ले,
सतयुग, त्रेता, द्वापर युग बीता,
कलयुग में अपना रूप बदल ले।

लक्ष्य कठिन है, फिर भी तू चुन ले,
मंजिल अपनी अब तू तय कर ले,
अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ,
अपना जीवन तू जी भर जी ले। 

जो भी हैं अबला कहने वाले,
हक़ यूँ नहीं तुम्हें देने वाले,
उनसे क्या आशा रखना जिसने,
मुँह से छीन ली तेरे निवाले। 

बेड़ियाँ हैं अब टूटने वाली,
मुक्ति-मार्ग सभी तेरे हवाले,
लक्ष्मी, इंदरा, कल्पना जैसी,
दम लगा कर हुंकार तू भर ले।

-© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"




Friday, February 8, 2019

मेरे तो करतार हैं।


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"मेरे तो करतार हैं।"

अब जुबाँ, पर है, सिर्फ, एक नाम तेरा
और मेरे, दिल में, है तस्वीर तेरी,
अब तू, भी, नहीं है, इस, नश्वर जगत में,
पर अक्सर, दिखते हो, नज़रों को मेरी। 

खोया, रहता हूँ, मैंख्यालों में तेरे,
बरसती है अक्सर, फैज़, मुझ पर तेरी
तेरे बिन, अब तो, मैं, जी ना पाऊँगा,
मेरी धड़कने, हो गई, अब तो तेरी। 

मैं तो, अधम था, तभी, मिला साथ तेरा,
तू ना होता, तो, क्या, गत होती मेरी,
इस नाचीज राहीको, जानते हैं सब
और, कुछ भी नहीं, बस, रहमत है तेरी। 

अक्सर, मदद, के लिए, बढ़ा हाथ तेरा,
देखा है करिश्मा , मैंने भी तेरा,
वास्ता, जिसका ना था, कभी भी तुमसे
वो, क्या जानता, क्या, शख्सियत थी तेरी। 

हम सब, बैठे हैं, अब ख्यालों में तेरे,
मेरी आँखों, में बस, मूरत है तेरी,
तू ही, महबूब हो, हो, करतार मेरे,
 इन नैनों को है, अब चाहत, बस तेरी।


अब जुबाँ, पर हैसिर्फ, एक नाम तेरा
और मेरे, दिल में, है तस्वीर तेरी

-© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"