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Monday, April 29, 2013

पर्वतारोहण


पर्वतारोहण

हिमालय पर्वतारोहण संस्थान की स्थापना भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरु  के प्रयास से 4 नवंबर 1954 पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिए हुआ.,


जब मैं दार्जीलिंग यात्रा कर रहा था तो मुझे हिमालय पर्वतारोहण संस्थान देखने का मौका मिला  तो पर्वतों पर चढ़ने  की प्रबल इच्छा जाग उठी . दोस्तों , जब मैं छोटा था तो मेरे चाचा ने एक बात कही थी कि आजकल सूचना प्राप्त करना भी एक तरह की योग्यता है, अर्थात 
अगर आपके पास ठीक समय पर  सूचना नहीं है तो हो सकता है कि आप जिंदगी में एक  सुनहरा अवसर खो रहें हों. आप खुद अनुभव करते होंगे कि खास सूचना मिलने के कारण आप दूसरों से बेहतर स्थिति में हैं . 



मुझे अपने लिए यह सूचना उपलब्ध नहीं हो पाई और मैं वंचित रह गया .

                   अगर आप भी चाहते है पर्वतारोहण करना तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर के अधिक जानकारी प्राप्त करें.


अगर आप को साहसिक खेलों के प्रति रुझान है तो निम्न संस्थानों से संपर्क करें.



Monday, April 1, 2013

उत्तरी एवं पूर्वी सिक्किम की यात्रा (पार्ट-१)

मित्रों! अभी इन नज़रों को देखकर संतोष करें , जल्द ही मैं आपलोगों के लिए विस्तृत जानकारियों के साथ इसके पार्ट-२  को प्रकाशित करूँगा .

उत्तरी सिक्किम का ये सभी  नज़ारें किसी को भी मदहोश करने के लिए विवश करते हैं।








































पूर्वी सिक्किम में नाथुला पास का इन्डो-चाइना बार्डर का नयनाभिराम दृश्य और देश-भक्ति का जज्बा।





भारत का कस्टम ऑफिस 





चीन का सम्मलेन गृह 

एक चीनी सैनिक 




भारतीय जांबाज 





शेष पढ़ ने के लिए क्लिक करें :

उत्तरी एवं पूर्वी सिक्किम की यात्रा (पार्ट-2)

Tuesday, March 26, 2013

अपनी -अपनी होली

इंटरनेट से लिया गया है।







अपनी -अपनी होली 

रंग-बिरंगी होली आई,
सबके रंग निराले भाई।

नेता जी की टोली आई,
आपस में कीचड़ उछाले  भाई।

भ्रष्टाचारियों ने उधम मचाई ,
रंगे हाथों पकड़े गए भाई। 

चोरों ने की खूब हाथ सफाई,
पकड़े गए,चेहरे का रंग उड़ गया भाई।

मिलावटी राम ने की खूब कमाई,
रंग तक को नहीं छोड़ा भाई।

आम आदमी का क्या कहना भाई,
तिलक लगाकर होली मनाई।
                                            -राकेश  कुमार श्रीवास्तव 


आप  सब को होली की ढ़ेर  सारी  शुभकामनाएँ !

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Friday, March 8, 2013

मोहब्बत


TAKEN FROM INTERNET 










The UN theme for International Women's Day 8th MARCH'2013 is 
"A promise is a promise: Time for action to end violence against women,"

मोहब्बत 

ऐसे ही, बस यूँ ही,
दिल तुमसे, लगा बैठा।

जैसे भी, तुम चल दी,
कदमों से ताल, मिला बैठा।

कैसे भी, तुम को मैं,
जीवन साथी अपना, बना बैठा।

वैसे ही, जीवन को,
सात रंगों से मैं, सजा बैठा।

तो जिंदगी, कटने लगी,
जैसे सपनों को पर, लगा बैठा।

जैसे ही,तुम बिछड़ी ,
खुद को मैं, लुटा बैठा।


सासें भी,अब थम गई,
कब्र पे तेरे, मैं आ बैठा।

मिलने की, चाहत में,
चाँद -सितारों के पार, मैं आ बैठा।

जैसे ही,तुम मिल गई,
मैं फिर से होश, गवां बैठा।


ऐसे ही, बस यूँ ही,
दिल तुमसे लगा बैठा।

-राकेश कुमार श्रीवास्तव 


Thursday, February 21, 2013

इल्तिजा


फोटो एवं ग्राफ़िक्स -राकेश कुमार श्रीवास्तव (R. K. SRIVASTAV)
   




















 इल्तिजा 

दिल में बस गए हो तुम,
यूँ  मुझसे  रूठा  न करो।

मेरी जां, जान निकल जायेगी ,
यूँ बेरुखी से देखा न करो।

तेरे सिवा नहीं कोई मेरा इस दुनियाँ में,
यूँ सरेआम बदनाम न करो।

मैंने माना  है तुझे अपना किनारा, 
यूँ मुझसे मुँह मोड़ा न करो।

जिंदगी में खुशियाँ हैं तेरे दम पे,
यूँ मेरे ख्वाब को तोड़ा न करो।

जीती हैं मछलियाँ, कभी पानी के बगैर ,
यूँ मेरे मरने का इंतजाम न करो।

जाओ!बस इतनी सी इल्तिजा है मेरी,
यूँ मेरी  मोहब्बत को शर्मसार न करो।


"The United Nations' (UN) International Mother Language Day"

                     "yearly celebrates February 21"


                                                     -राकेश कुमार श्रीवास्तव