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Thursday, February 14, 2013

सरस्वती वंदना

फोटो एवं ग्राफ़िक्स -राकेश कुमार श्रीवास्तव 









सरस्वती वंदना

माँ सरस्वती , माँ सरस्वती ,
हम कर रहें , तेरी स्तुति .
माँ सरस्वती , माँ सरस्वती ,
हम कर रहें , तेरी स्तुति .

मेरे चारो ओर,अंधकार है,
चिंताएं नाना प्रकार हैं.
तम को तू कर दे,नाश माँ,
ज्ञान की जला , माँ तू ज्योति.

माँ सरस्वती , माँ सरस्वती ,
हम कर रहें , तेरी स्तुति .

मैं घिरा हूँ माँ, शोक-संताप से
मैं जल रहा , वेदना की आग से.
माँ बजा, वीणा से मधुर रागनी .
दे दे माँ, चित्त को निर्मल शांति.

माँ सरस्वती , माँ सरस्वती ,
हम कर रहें , तेरी स्तुति .

सही-गलत में है, मन फँसा,
बहुत दयनीय है, मेरी दशा .
माँ! गुण हंस जैसा मुझको दे,
माँ! दे तू सत्य की अनुभूति.

माँ सरस्वती , माँ सरस्वती ,
हम कर रहें , तेरी स्तुति .

तेरी कृपा, मुझपे हो ऐसी माँ,
मैं जिउँ , कमल समान माँ.
वाणी हो मेरी, तेरी वीणा जैसी,
मेरा चित्त चमके, जैसे तेरा मोती.

माँ सरस्वती , माँ सरस्वती ,
हम कर रहें , तेरी स्तुति .

बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आप सब को शुभ कामनाएँ, माँ सरस्वती आप सब पर कृपा बनाएँ रखें.
-राकेश कुमार श्रीवास्तव 

4 comments:

  1. बहुत अच्‍छी रचना है। जय मॉं सरस्‍वती।

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  2. सब पर माँ शारदे की कृपा बनी रहे..

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  3. bahut achha...
    mata ki kripa hum par bni rhe..

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  4. माँ सरस्वती की क्रोपा आपपे बरस रही है ... सुन्दर रचना का सृजन हो रहा है ...

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मेरे पोस्ट के प्रति आपकी राय मेरे लिए अनमोल है, टिप्पणी अवश्य करें!- आपका राकेश कुमार "राही"