मेम्बर बने :-

Wednesday, March 10, 2021

एक नदी चार किनारे

 

नमस्कार,
मेरे प्रथम उपन्यास 'ढाई कदम' को पाठकों के अपार स्नेह मिलने के बाद मैं आपलोगों के समक्ष अपना दूसरा हिंदी उपन्यास 'एक नदी चार किनारे' प्रस्तुत कर रहा हूँ । उम्मीद है कि यह उपन्यास भी आपका मनोरंजन करने के साथ-साथ आपके जीवनशैली को भी प्रभावित कर सुखद वैवाहिक जीवन जीने की प्रेरणा देगा।
मैं goodreads.com के पाठकों का विशेष रूप से आभारी हूँ।



Link for my book 'EK NADI CHAR KINARE' on KINDLE is:
https://www.amazon.in/dp/B08W8R2HDD


and link for my book 'DHAI KADAM' on KINDLE is:
https://www.amazon.in/Dhai-Kadam-Rakesh-Kumar-Srivastava/dp/9387856038
धन्यवाद!


7 comments:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" ( 2064...पीपल की पत्तियाँ झड़ गईं हैं ... ) पर गुरुवार 11 मार्च 2021 को साझा की गयी है.... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    ReplyDelete
    Replies
    1. आभार रविन्द्र जी, विलंब से उत्तर देने के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ

      Delete
  2. बहुत बढ़िया

    ReplyDelete
  3. बहुत- बहुत बधाई और शुभकामनाएं राकेश जी | पहले उपन्यास के अनुभव भी जरुर लिखें ब्लॉग पर कि उसका रिस्पांस पाठकों में कैसा रहा |

    ReplyDelete
  4. शुक्रिया रेणु जी, प्रकाशन से लेकर पाठक तक का सफ़र रोचक रहा। आपके आग्रह पर एक पोस्ट अवश्य लिखूंगा।

    ReplyDelete
    Replies
    1. जी राकेश भाई, मित्र मंडली का सूना आँगन कब आबाद होगा??? 🤗🤗

      Delete

मेरे पोस्ट के प्रति आपकी राय मेरे लिए अनमोल है, टिप्पणी अवश्य करें!- आपका राकेश श्रीवास्तव 'राही'