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Sunday, November 4, 2018

मित्र मंडली -94




मित्रों , 
"मित्र मंडली" का  चौरानवे वाँ अंक का पोस्ट प्रस्तुत है।इस पोस्ट में मेरे ब्लॉग के फॉलोवर्स/अनुसरणकर्ताओं के हिंदी पोस्ट की लिंक के साथ उस पोस्ट के प्रति मेरी भावाभिव्यक्ति सलंग्न है। पोस्टों का चयन साप्ताहिक आधार पर किया गया है। इसमें दिनांक 29.10.2018  से 04.11.2018 तक के हिंदी पोस्टों का संकलन है।


पुराने मित्र-मंडली पोस्टों को मैंने मित्र-मंडली पेज पर सहेज दिया है और अब से प्रकाशित मित्र-मंडली का पोस्ट 7 दिन के बाद केवल मित्र-मंडली पेज पर ही दिखेगा, जिसका लिंक नीचे दिया जा रहा है : https://rakeshkirachanay.blogspot.com/p/blog-page_25.html मित्र-मंडली के प्रकाशन का उद्देश्य मेरे मित्रों की रचना को ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक पहुँचाना है। आप सभी पाठकगण से निवेदन है कि दिए गए लिंक के पोस्ट को पढ़ कर, टिप्पणी के माध्यम से अपने विचार जरूर लिखें। विश्वास करें ! आपके द्वारा दिए गए विचार लेखकों के लिए अनमोल होगा। 
प्रार्थी 
राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"

मित्र मंडली -94  

इस अंक के पाँच रचनाकार 

अभिलाषा चौहान जी 

मन की गति विरला ही जाने

कुसुम कोठारी जी 

नंगा सच

सुप्रिया पाण्डेय   जी 

"सच और झूठ का द्वन्द खुद के अंदर स्वतः चलता रहता है। मानव मन सदैव झूठ के मायाजाल में फँसने को उतावला रहता है उसके आकर्षण में बंधना चाहता है परन्तु झूठी जीवन शैली को नकारती एवं सत्य के प्रति अपना नेह बनाए रखने की शिक्षा देती सुंदर रचना। सच को बेशर्म बेहया,बदसूरती,नग्नता और बिंदास जैसे शब्दों के साथ जोड़ना शायद कवियत्री की समाज में फैली आराजकता का परिणाम है फिर भी वह टूटती नहीं हैं और सच के साथ सदैव खड़े रहने का संदेश देती हैं। मन को उद्वेलित करती प्रस्तुति।"

अपना कहाँ ठिकाना है ?

मीना शर्मा जी 

प्रकृति को आने दो घर-द्वार

रवींद्र सिंह यादव जी 



आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा । आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 12-11-2018  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....

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