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Monday, January 9, 2017

मित्र मंडली - 1


मित्रों, 

आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामानाएं। इस वर्ष से मैं एक हिंदी पोस्ट की श्रृंखला शुरू करने जा रहा हूँ जिसका शीर्षक है "मित्र मंडली" । 

इस पोस्ट में मेरे ब्लॉग के फॉलोवर/अनुसरणकर्ता के हिंदी पोस्ट के लिंक के साथ उस पोस्ट के प्रति मेरी भावाभिव्यक्ति सलंग्न है। पोस्ट का चयन साप्ताहिक आधार पर है।  इस कड़ी की यह प्रथम प्रकाशन है। इसमें  दिनांक 01.01.2017 से 08.01.2017 के हिंदी पोस्ट का संकलन है।

इसका उद्देश्य मेरे मित्रों की रचना को ज्यादा से ज्यादा पाठकों  तक पहुँचाना है। 

आप सभी पाठकगण से निवेदन है कि दिए गए लिंक के पोस्ट को पढ़ कर टिपण्णी के माध्यम से अपने विचार जरूर लिखें। यकीं करें ! आपके द्वारा दिया गया विचार लेखकों के लिए अनमोल होगा।  

प्रार्थी 

राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"


                        मित्र मंडली - 1

1. नववर्ष में महक उठे......

कविता रावत जी की चार पंक्तियों की नववर्ष की शुभकामना भरी कविता है। कविता रावत जी को भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। 



2. बहुत बहुत मुबारक हो !!! स्वास्थ्य दौलत प्रसिद्धि



4.  सुपरमून

5. कविता बकवास नहीं होती है बकवास को किसलिये कविता कहलवाना चाहता है

6. "वोटरों को चुनाव हेतु -विकल्प-ही नहीं देते राजनितिक दल"क्यों ? - पीताम्बर दत्त शर्मा (स्वतन्त्र-टिप्पणीकार) मो.न. + 9414657511

7. नायब सूबेदार बाना सिंह की ६८ वीं वर्षगांठ



8.  'इंक़लाब ज़िन्दाबाद' का नारा देने वाले क्रांतिकारी शायर - मौलाना हसरत मोहानी

9. शुरु हो गया मौसम होने का भ्रम अन्धों के हाथों और बटेरों के फंसने की आदत को लेकर

सुशील कुमार जोशी की उलूक टाइम्स की पोस्ट "शुरु हो गया मौसम होने का भ्रम अन्धों के हाथों और बटेरों के फंसने की आदत को लेकर" आजकल के चुनावी प्रक्रिया पर तीखा व्यंग है। हमेशा से इस चुनाव के माध्यम से किसी अयोग्य व्यक्ति को महत्वपूर्ण वस्तु या पद प्राप्त होता  है ।इस पोस्ट का आप भी आनन्द लें। 



मैंने इस सप्ताह दो रचनाएँ पोस्ट किया है -


1. नववर्ष 



2. बादल का टुकड़ा 



आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगे।  आपका सुझाव आपेक्षित है। अगला अंक 16-01-2017 को प्रकाशित होगी। धन्यवाद !

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