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Wednesday, February 11, 2015

तुम्हारा साथ








तुम्हारा साथ 


तूने मेरा साथ जब से दिया है,
मेरा जीवन तूने  बदल दिया है.

जी रहा था चैन से,
ये तूने क्या कर दिया है,
तू मेरे जिंदगी में आई,
मैंने चैन गवां दिया है। 

आसां सी जिंदगी को,
मैंने मुश्किल बना दिया है,
तुमसे लड़ी हैं आँखे जब से,
मैंने नींद गवां दिया है। 

साँसों में बस गई हो तुम,
दिल तुझ को दे दिया है,
जिंदा रहूँगा तेरे बगैर,
ये हक मैंने खो दिया है.

प्यार मिला है जब से तेरा,
तूने मुझे दीवाना कर दिया है,
उदासी, बेचैनी, निराशा को,
तब से मैंने भुला दिया है.

आँचल में बाँध कर प्यार मेरा,
जीवन रौशन कर दिया है,
” राही” का घर था वीराना,
तूने  खुशियों से भर दिया है.
- © राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"



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